Monday, January 28, 2019




 मुलाकात जरुरी हैं, अगर रिश्ते निभाने हो,

वरना लगा कर भूल जाने से पौधे भी सूख जाते हैं….



 मोहब्बत बुरी है… बुरी है मोहब्बत,

कहे जा रहे है… किये जा रहे है…



 नींद तो ठीक ठाक आई पर जैसे ही आँख खुली....
 फिर वही ज़िन्दगी याद आई।



 मुद्दतों बाद जब उनसे बात हुई तो बातों बातों में मैंने कहा..

“कुछ झूठ ही बोल दो”   और वो हँस के बोले तुम्हारी याद बहुत आती है...




 किसी ने बहुत अच्छी बात कही है...

*मैं तुम्हें इसलिए सलाह नहीं दे रहा कि मैं ज़्यादा समझदार हूँ*

*बल्कि इसलिए दे रहा हूँ कि मैंने ज़िंदगी में ग़लतियाँ तुमसे ज़्यादा की हैं*




वो इश्क़, वो ख़्वाब, वो इबादत, जाने कहाँ गुम हो गए;

कल तक तो सिर्फ "हम" थे, आज 'मैं' और 'तुम' हो गए



जिन्दगी तेरी भी, अजब परिभाषा है ।

सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है ।


शिकवा करें भी तो
किससे करें,
ये दर्द भी मेरा
और दर्द देने वाला भी मेरा........



 डायरी खोली एक पुराना ख़त मिला
एक नया जख्म फिर ताज़ा हो गया



 यूं तो भीड़ ..
बहुत हुआ करती थी..
महफिल में मेरी..
फिर ..
मैं सच बोलता गया..
और..
लोग उठते चलेे गये..!!



 आपकी याद जब भी आती हैउसे रोकते नहीं हम
क्योँकी..
 जो बगैर दस्तक के आते हैँ वो 'अपने'ही तो होते
हैँ...



Aगर कुछ सीखना है तो आँखो को पढना सीख लो,
वरना लफ़्ज़ों के मतलब तो हजारों निकलते हैं…



Manज़िलों से गुमराह भी ,कर देते हैं कुछ लोग ।।

हर किसी से रास्ता पूछना ,  अच्छा नहीं होता !!


 कुछ पन्ने क्या फटे, ज़िन्दगी की किताब के...
ज़माने ने समझा, हमारा दौर ही बदल गया.....


 आईने के सामने खडे होके ..
खुद से ही माफी माँग ली मैने...
सबसे ज्यादा अपना ही दिल दुखाया है..
मैंने औरों को खुश करते करते..!!

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